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Thanksgiving…

आभार

यात्रा का एक मात्र प्रयोजन है कि वह हमें कम में ज्यादा का अनुभव करना सिखाती है, एक शुक्रिया वाला एहसास रहता है जीवन में ।

जब संसाधन सीमित हों तो उस परवरदिगार पर स्वतः ही निर्भरता आ जाती है यात्रा के माध्यम से । मैं उन घनाढय लोगों की यात्रा की बात नहीं कर रही,  जो सब कुछ प्लैन कर सकते है, आपात कालीन स्थिति पर भी मुझ जैसे नौकरी पेशा लोग, जो Plan B (यानि प्रतिकूल स्थिति के लिए न तो सोचते हैं , और न ही आयोजन में सक्षम हैं) बस हरि नाम लेते हुए ही जीवन यात्रा में बाकी यात्राएं करते हैं ।

डूबने का खौफ भला हो तो क्या खाक हो, क्योंकि हम तेरे, कश्ती तेरी, दरिया तेरा, साहिल भी तेरा । कृष्ण का योग क्षेमं वहाम्यहम मंत्र ही हम लोगों का भवसागर से बाहर निकलने का मंत्र होता है जिसके फलस्वरुप प्रभु कार्य निमित असंख्य लोगों को मदद के लिए लगा देते हैं।

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